श्लोक 24
🕉️ संस्कृत श्लोक (देवनागरी)
तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ ।
ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि ॥24॥
🔤 IAST Transliteration
tasmāc chāstraṁ pramāṇaṁ te kāryākārya-vyavasthitau |
jñātvā śāstra-vidhāno'ktaṁ karma kartum ihārhasi ||24||
🇮🇳 हिंदी अनुवाद
इसलिए हे अर्जुन! शास्त्र ही तुम्हारे लिए कार्य और अकर्म के निर्णय का प्रमाण है।
शास्त्रों द्वारा बताए गए नियमों को जानकर तुम कर्म करने योग्य हो।
🇬🇧 English Translation
Therefore, O Arjuna! The scriptures are your authority to distinguish what is to be done and what is not.
Knowing the rules prescribed by the scriptures, you should perform your duties accordingly.
🧠 विस्तृत हिंदी व्याख्या
श्लोक 24 में श्रीकृष्ण ने शास्त्रों को कर्म का परम मार्गदर्शक बताया है।
यह श्लोक स्पष्ट करता है कि कर्म करने और न करने का निर्णय केवल शास्त्रानुसार करना चाहिए।
1️⃣ शास्त्रं प्रमाणं — कर्म का मार्गदर्शन
शास्त्र जीवन में सही और गलत, कार्य और अकर्म का निर्णय करने का प्रमाण हैं।
मनुष्य जो शास्त्र के अनुसार कार्य करता है, वह सत्कर्म और मोक्ष की दिशा में अग्रसर होता है।
2️⃣ कार्याकार्यव्यवस्थितौ — क्या करना है और क्या नहीं
शास्त्र बताते हैं कि कौन सा कर्म उचित है और कौन सा अनुचित।
यह कर्म और नैतिकता में स्पष्टता प्रदान करता है।
3️⃣ ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म — शास्त्र के अनुसार कर्म करना
व्यक्ति जो शास्त्रानुसार अपने कर्मों का निष्पादन करता है, वह जीवन में सफलता, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करता है।
केवल इच्छाओं और लालच के अनुसार कर्म करना हानिकारक और अधम मार्ग की ओर ले जाता है।
🔑 श्लोक का संदेश
श्रीकृष्ण इस श्लोक में यह स्पष्ट करते हैं कि शास्त्र और धर्म का पालन ही कर्मों का सही मार्ग है।
केवल शास्त्र का पालन करके व्यक्ति सिद्धि, सुख और मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
🌍 Detailed English Explanation
Verse 24 emphasizes the authority of scriptures in guiding action:
Scriptures provide a clear framework to distinguish right action from wrong action.
Krishna instructs that one should perform actions according to scriptural rules, not personal desire alone.
This ensures spiritual progress, moral integrity, and ultimate liberation (moksha).
This shloka teaches that scriptural guidance is essential for righteous living and successful outcomes.
🌱 जीवन के लिए सीख (Life Lessons)
✅ हिंदी में
शास्त्र कर्मों का प्रमाण और मार्गदर्शक हैं
केवल शास्त्र के अनुसार कर्म करना ही जीवन को सफल और सार्थक बनाता है
इच्छाओं और मोह में लिप्त होकर कर्म करने से पतन होता है
शास्त्र के अनुसार जीवन जीने से सुख, सिद्धि और मोक्ष प्राप्त होता है
✅ In English
Scriptures are the authority and guide for righteous action
Acting according to scriptures ensures a meaningful and successful life
Acting driven solely by desire and attachment leads to downfall
Following scriptural rules leads to happiness, perfection, and liberation
🕯️ निष्कर्ष (Conclusion)
भगवद्गीता अध्याय 16 श्लोक 24 यह स्पष्ट करता है कि कर्मों का निर्णय और निष्पादन शास्त्रानुसार होना चाहिए।
श्रीकृष्ण हमें बताते हैं कि शास्त्र का पालन करके ही हम सच्चे सुख, सिद्धि और मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।
🌸 शास्त्रानुसार कर्म करें—सच्चे जीवन और मोक्ष की ओर बढ़ें।